आहरण वितरण अधिकारी क्या करे और क्या न करे?

 

 

क्या करे -

1.

जैसा क़ी वेतन देयको (४७ क ) पर कटोतियो की धनराशि और वर्गीकरण दर्शाया गया है यदि उनके साथ सामान्य भविष्य निधि कटौतियो की अनुसूचिया आहरण वितरण अधिकारी द्वारा सही नहीं कर लिए जाते है, वेतन बिल पारित नहीं किये जायेगे |
 

2.

अप्रचलित श्रखला के लेखा संख्याओ के कोई भी सामान्य भविष्य निधि अभिदान अथवा आहरण पारित नहीं किये जायेगा |
 

3.

मुख्य लेखा शीर्ष ८००० आकस्मिकता निधि के भुगतान के सम्बंधित देयक पर १५ अंको का वर्गीकरण दर्ज होना सुनिश्चित किया जाये |
 

4.

मुख्य लेखा शीर्ष ८००० आकस्मिकता निधि क़ी भांति चलान पर १३ अंको का वर्गीकरण दर्ज होना सुचिश्चित किया जाये |
 

5.

मुख्य लेखा लेखा शीर्ष 7610 सरकारी कर्मचारियों को ऋण और ८००९ राज्य भविष्य निधि (चतुर्थ श्रेणी के सिवाय) और अखिल भारतीय सेवा अधिकारी के वेतन बिल के साथ वापसी की अनुसूचिया संलग्न होनी चाहिए |
 

6.

प्रत्येक प्रकार क़ी वापसी जो बिल मे दर्शाई गई है क़ी अनुसूची के पूर्ण विवरण से मेल खा रही है |
 

7.

प्रत्येक देयक पर योजनागत /अयोजनेत्तेर और दतमत / भारित का विवरण दर्ज होना चाहिए |
 

8.

समस्त देयक निर्धारित प्रपत्र पर तैया होने चाहिए |
 

9.

समस्त देयको के साथ वेतन देयको के सिवाय, स्वीकृति आदेश / शासनादेश को प्रति लगे जानी चाहिए |
 

10.

समस्त देय जो पुनर्विनियोजन आदेश के आधार पर पुनरीक्षित बजट आवंटन के लिए प्रस्तुत किये है मे आदेश क़ी प्रति सलग्न होनी चाहिए |
 

11.

संस्थागत ऋण के भुगतान के लिए जैसा कि सर्चिव, वित्त उ० प्र० सरकार के पत्र संख्या ए-१-१-ए जी दस- (४५) /०४ वित् लेखा अनुभाग-१ दिनांक २३.९.२००४ द्वारा निर्देशित किया गया है अलग से ट्रेजरी चलान मूल एवं व्याज के पूर्ण विवरण के साथ तैयार किया जाना चाहिए |
 

12.

एक ही तिथि कि देय विभिन्न प्रकार के ऋणों के पुनः भुगतान के मामले मे जैसा कि एस कार्यालय द्वार सूचित किया गया है १३ अंको का वर्गीकरण शासनादेश ऋण वापसी की किस्त संख्या पुनर्भुगतान की संख्या एस० एल० आर० आदि सहित पुनर्भुगतान के ट्रेजरी चलान को तैयार किया जायेगा |
 

13.

पूंजीगत प्राप्ति के चलान मे १३ अंको का वर्गीकरण के साथ अनुदान संख्या योजनागत/ आयोजनेत्तर, दतमत / भारित आदि विवरण अंकित किये जाये |
 

14.

देयक तैयार करते समय महालेखाकार तथा उ० प्र० शासन द्वारा समय- समय पर जरी किये गए निर्देशों, वितीय नियम पुस्तिका मे दिए गए समस्त नियम एवं प्रावधानों का अनुपालन किया जाना चाहिए |
 

15.

लोक निर्माण, सिचाई, लधु सिचाई, ग्रामीण अभियंता सेवा और भूजल विभाग के आहरण वितरण अधिकारी द्वारा यह सुनिशिचित किया जाना चाहिए कि उनकी गैर राजस्व प्राप्तिया ( रोकड़ एवं निर्माण देयको से घटाए गए ) सम्बंधित राजस्व प्राप्तियो के अंतर्गत जमा के बजाय ट्रेजरी चलान के माध्यम से सीधे सम्बंधित राजस्व प्राप्तियो के लेखा शीर्ष मे जमा की जाएगी, जैसा कि शासनादेश में निर्देशित शासनादेश संख्या १-९६३/दस -२००१ दिनांक १६.४.२०११ के बजाय कोषागार चलान से जमा किया जाना चाहिए|
 

16.

यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि निर्माण कार्य देयक से सेंतेज प्रभार / व्यापर कर / आयकर/ निर्माण कार्य मे होने वाले विलम्ब से लगाये गए दंड इत्यादि घटाई गई धनराशि को, सम्बंधित राजस्व प्राप्ति शीर्ष के अंतर्गत ट्रेजरी चलान के माध्यम से जमा किया जायेगा, जैसा कि शासनादेश संख्या १-९६३/दस २००१ दिनांक १६.४.२००१ मे निर्देशित है कि भूजल, सेन्टेज चार्जेस की वापसी सम्बंधित राजस्व प्राप्ति शीर्ष मे जमा किया जाना चाहिए और वित् (आय व्ययक ) अनुभाग-१ द्वारा संख्या बी-३७०६१ दस-२००४ द्वारा शासनादेश निर्गत किया गया है कि जमा कि जाने वाली धनराशि कोषालय / स्टेट बैंक मे ट्रेजरी चालान कि प्रति पर १३ अंको का वर्गीकरण खंडीय लेखाकार / खंड लेखाधिकारी द्वारा प्रमाणित होना चाहिए | देयकों से कटी गयी आयकर की धनराशि को आयकर विभाग के निर्धारित चालन प्रपत्र पर स्टेट बैंक मे जमा किया जाना चाहिए |
 

क्या न करे -
1.

न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशो के अतरिक्त वेतन बिल के सिवाय (टी० आर० -२७ ) अन्य बिल, बिना बजट प्रावधान के आहरित न किया जाये |
 

2.

पूंजीगत प्राप्तिया और राजस्व प्राप्तिया को एक दूसरे के साथ न मिलाया जाय |